Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.39.12: राजा की आज्ञा मानकर शिरोद शीघ्र ही सुमन्त्र के पास गया और उत्तम घोड़ों से सुसज्जित एक रथ ले आया ॥12॥   |   ramayan सर्ग 2.39: राजा दशरथ का विलाप,कौसल्या का सीता को पतिसेवा का उपदेश, सीता के द्वारा उसकी स्वीकृति   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 39: राजा दशरथ का विलाप,कौसल्या का सीता को पतिसेवा का उपदेश, सीता के द्वारा उसकी स्वीकृति  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.39.12 
राज्ञो वचनमाज्ञाय सुमन्त्र: शीघ्रविक्रम:।
योजयित्वा ययौ तत्र रथमश्वैरलंकृतम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
राजा की आज्ञा मानकर शिरोद शीघ्र ही सुमन्त्र के पास गया और उत्तम घोड़ों से सुसज्जित एक रथ ले आया ॥12॥
 
Following the king's orders, Shirod quickly went to Sumantra and brought a chariot decorated with excellent horses. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)