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ramayan 2.36.6: 'रास्ते में आने वाले हिरणों और हाथियों को वापस भेजते समय, जंगली शहद पीते समय और नाना प्रकार की नदियों को देखते समय उन्हें अपना राज्य याद नहीं रहेगा।   |   ramayan सर्ग 2.36: दशरथ का श्रीराम के साथ सेना और खजाना भेजने का आदेश, कैकेयी द्वारा इसका विरोध, राजा का श्रीराम के साथ जाने की इच्छा प्रकट करना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 36: दशरथ का श्रीराम के साथ सेना और खजाना भेजने का आदेश, कैकेयी द्वारा इसका विरोध, राजा का श्रीराम के साथ जाने की इच्छा प्रकट करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  2.36.6 
निघ्नन् मृगान् कुञ्जरांश्च पिबंश्चारण्यकं मधु।
नदीश्च विविधा: पश्यन् न राज्यं संस्मरिष्यति॥ ६॥
 
 
अनुवाद
'रास्ते में आने वाले हिरणों और हाथियों को वापस भेजते समय, जंगली शहद पीते समय और नाना प्रकार की नदियों को देखते समय उन्हें अपना राज्य याद नहीं रहेगा।
 
‘They will not remember their kingdom while turning back the deer and elephants that come their way, drinking wild honey and seeing various types of rivers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)