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श्लोक  2.35.31 
नहि मिथ्या प्रतिज्ञातं करिष्यति तवानघ:।
श्रीमान् दशरथो राजा देवि राजीवलोचन:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
देवी! कमल-नेत्र राजा दशरथ पापों से दूर रहते हैं। वे कभी भी अपनी झूठी प्रतिज्ञा नहीं निभाते।
 
Goddess! The lotus-eyed king Dasharatha stays away from sins. He will never keep his promise false.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)