श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 35: सुमन्त्र के समझाने और फटकारने पर भी कैकेयी का टस-से-मस न होना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.35.10 
राजा भवतु ते पुत्रो भरत: शास्तु मेदिनीम्।
वयं तत्र गमिष्यामो यत्र रामो गमिष्यति॥ १०॥
 
 
अनुवाद
‘तुम्हारा पुत्र भरत राजा होकर इस पृथ्वी पर राज्य करे; परन्तु जहाँ श्री रामजी जाएँगे, हम वहाँ जाएँगे।॥10॥
 
‘Your son Bharata may become king and rule this earth; but we will go wherever Shri Ram goes.॥ 10॥
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