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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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सर्ग 32: लक्ष्मण सहित श्रीराम द्वारा ब्राह्मणों, ब्रह्मचारियों, सेवकों, त्रिजट ब्राह्मण और सुहृज्जनों को धन का वितरण
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श्लोक 11
श्लोक
2.32.11
इत्युक्त: स तु रामेण सुयज्ञ: प्रतिगृह्य तत्।
रामलक्ष्मणसीतानां प्रयुयोजाशिष: शिवा:॥ ११॥
अनुवाद
भगवान राम की यह बात सुनकर सुयज्ञ ने सब बातें स्वीकार कर लीं और भगवान राम, लक्ष्मण और सीता को शुभ आशीर्वाद दिया ॥11॥
On hearing this from Lord Rama, Suyajna accepted all the things and bestowed auspicious blessings on Lord Rama, Lakshmana and Sita. ॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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