Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.32.1: तत्पश्चात् अपने भाई श्री राम की प्रेमपूर्ण एवं हितकारी अनुमति पाकर लक्ष्मण वहाँ से चले गए और शीघ्र ही गुरुपुत्र सुयज्ञ के घर में प्रवेश कर गए॥1॥ | ramayan सर्ग 2.32: लक्ष्मण सहित श्रीराम द्वारा ब्राह्मणों, ब्रह्मचारियों, सेवकों, त्रिजट ब्राह्मण और सुहृज्जनों को धन का वितरण । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् अपने भाई श्री राम की प्रेमपूर्ण एवं हितकारी अनुमति पाकर लक्ष्मण वहाँ से चले गए और शीघ्र ही गुरुपुत्र सुयज्ञ के घर में प्रवेश कर गए॥1॥
Thereafter, after receiving the loving and beneficial permission of his brother Shri Ram, Lakshman left from there. He soon entered the house of Guru's son Suyajna. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥