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ramayan 2.31.9: ऐसा कहकर वीर और धैर्यवान लक्ष्मण आगे बढ़ने को तैयार हुए और भगवान राम के सामने खड़े होकर हाथ जोड़कर विनती करने लगे। तब महाबली भगवान राम ने उनसे कहा -॥9॥   |   ramayan सर्ग 2.31: श्रीराम और लक्ष्मण का संवाद, श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मण का सुहृदों से पूछकर और दिव्य आयुध लाकर वनगमन के लिये तैयार होना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 31: श्रीराम और लक्ष्मण का संवाद, श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मण का सुहृदों से पूछकर और दिव्य आयुध लाकर वनगमन के लिये तैयार होना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.31.9 
ततोऽब्रवीन्महातेजा रामो लक्ष्मणमग्रत:।
स्थितं प्राग्गामिनं धीरं याचमानं कृताञ्जलिम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर वीर और धैर्यवान लक्ष्मण आगे बढ़ने को तैयार हुए और भगवान राम के सामने खड़े होकर हाथ जोड़कर विनती करने लगे। तब महाबली भगवान राम ने उनसे कहा -॥9॥
 
Having said this, the brave and patient Lakshmana got ready to go ahead and stood before Lord Rama and started pleading with folded hands. Then the mighty Lord Rama said to him -॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)