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ramayan 2.31.33: क्षत्रिय युवराज सुमित्राकुमार लक्ष्मण ने ससम्मान रखे हुए सभी दिव्यास्त्र लाकर श्री राम को दिखाए॥33॥   |   ramayan सर्ग 2.31: श्रीराम और लक्ष्मण का संवाद, श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मण का सुहृदों से पूछकर और दिव्य आयुध लाकर वनगमन के लिये तैयार होना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 31: श्रीराम और लक्ष्मण का संवाद, श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मण का सुहृदों से पूछकर और दिव्य आयुध लाकर वनगमन के लिये तैयार होना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  2.31.33 
तद् दिव्यं राजशार्दूल: सत्कृतं माल्यभूषितम्।
रामाय दर्शयामास सौमित्रि: सर्वमायुधम्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
क्षत्रिय युवराज सुमित्राकुमार लक्ष्मण ने ससम्मान रखे हुए सभी दिव्यास्त्र लाकर श्री राम को दिखाए॥33॥
 
Sumitra Kumar Lakshman, the crown prince of Kshatriya, brought all the divine weapons kept with honor and showed them to Shri Ram. 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)