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ramayan 2.31.27: ‘तुम विदेहकुमारी के साथ पर्वत शिखरों पर जाओगे। वहाँ, चाहे तुम जागे रहो या सोए रहो, मैं तुम्हारे सभी आवश्यक कार्य सदैव पूर्ण करूँगा।’॥27॥   |   ramayan सर्ग 2.31: श्रीराम और लक्ष्मण का संवाद, श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मण का सुहृदों से पूछकर और दिव्य आयुध लाकर वनगमन के लिये तैयार होना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 31: श्रीराम और लक्ष्मण का संवाद, श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मण का सुहृदों से पूछकर और दिव्य आयुध लाकर वनगमन के लिये तैयार होना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  2.31.27 
भवांस्तु सह वैदेह्या गिरिसानुषु रंस्यसे।
अहं सर्वं करिष्यामि जाग्रत: स्वपतश्च ते॥ २७॥
 
 
अनुवाद
‘तुम विदेहकुमारी के साथ पर्वत शिखरों पर जाओगे। वहाँ, चाहे तुम जागे रहो या सोए रहो, मैं तुम्हारे सभी आवश्यक कार्य सदैव पूर्ण करूँगा।’॥27॥
 
‘You will travel to the mountain peaks with Videha Kumari. There, whether you are awake or asleep, I will always fulfill all your necessary tasks.’॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)