Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.31.1: जब श्री राम और सीता बातें कर रहे थे, तब लक्ष्मण वहाँ पहुँच चुके थे। उनकी बातचीत सुनकर उनका मुख आँसुओं से भीग गया। भाई के वियोग का दुःख उनके लिए भी असहनीय हो गया॥1॥   |   ramayan सर्ग 2.31: श्रीराम और लक्ष्मण का संवाद, श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मण का सुहृदों से पूछकर और दिव्य आयुध लाकर वनगमन के लिये तैयार होना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 31: श्रीराम और लक्ष्मण का संवाद, श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मण का सुहृदों से पूछकर और दिव्य आयुध लाकर वनगमन के लिये तैयार होना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.31.1 
एवं श्रुत्वा स संवादं लक्ष्मण: पूर्वमागत:।
बाष्पपर्याकुलमुख: शोकं सोढुमशक्नुवन्॥ १॥
 
 
अनुवाद
जब श्री राम और सीता बातें कर रहे थे, तब लक्ष्मण वहाँ पहुँच चुके थे। उनकी बातचीत सुनकर उनका मुख आँसुओं से भीग गया। भाई के वियोग का दुःख उनके लिए भी असहनीय हो गया॥1॥
 
When Shri Ram and Sita were talking, Lakshman had already reached there. Hearing their conversation, his face got wet with tears. The grief of separation from his brother became unbearable for him too.॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)