Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.30.8: 'श्रीराम! क्या आप मुझ अपनी पतिव्रता पत्नी को, जो छोटी आयु में ही आपके साथ ब्याही गई थी और जो बहुत समय से आपके साथ रह रही है, किसी अन्य व्यक्ति को सौंपना चाहते हैं, जैसे कोई अभिनेता स्त्री की कमाई पर पलता है?॥ 8॥   |   ramayan सर्ग 2.30: सीता का वन में चलने के लिये अधिकआग्रह, विलाप और घबराहट देखकर श्रीराम का उन्हें साथ ले चलने की स्वीकृति देना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 30: सीता का वन में चलने के लिये अधिकआग्रह, विलाप और घबराहट देखकर श्रीराम का उन्हें साथ ले चलने की स्वीकृति देना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  2.30.8 
स्वयं तु भार्यां कौमारीं चिरमध्युषितां सतीम्।
शैलूष इव मां राम परेभ्यो दातुमिच्छसि॥ ८॥
 
 
अनुवाद
'श्रीराम! क्या आप मुझ अपनी पतिव्रता पत्नी को, जो छोटी आयु में ही आपके साथ ब्याही गई थी और जो बहुत समय से आपके साथ रह रही है, किसी अन्य व्यक्ति को सौंपना चाहते हैं, जैसे कोई अभिनेता स्त्री की कमाई पर पलता है?॥ 8॥
 
'Shri Ram! Do you want to hand over me, your virtuous and faithful wife, who was married to you at a young age and who has lived with you for a long time, to someone else like an actor who lives off a woman's earnings?॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)