Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.30.39: 'सीते! 'मैं तुम्हारे साथ वन में रहूँगा', ऐसा कहकर तुमने मेरे साथ चलने का दृढ़ निश्चय किया है। अतः तुम्हें दण्डकारण्य ले जाने का मेरा प्रारंभिक विचार अब बदल गया है ॥ 39॥ | ramayan सर्ग 2.30: सीता का वन में चलने के लिये अधिकआग्रह, विलाप और घबराहट देखकर श्रीराम का उन्हें साथ ले चलने की स्वीकृति देना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'सीते! 'मैं तुम्हारे साथ वन में रहूँगा', ऐसा कहकर तुमने मेरे साथ चलने का दृढ़ निश्चय किया है। अतः तुम्हें दण्डकारण्य ले जाने का मेरा प्रारंभिक विचार अब बदल गया है ॥ 39॥
'Sita! By saying, "I will live with you in the forest," you have firmly resolved to come with me. Therefore, my initial thought of taking you to Dandakaranya has now changed. ॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥