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स मा पिता यथा शास्ति सत्यधर्मपथे स्थित:।
तथा वर्तितुमिच्छामि स हि धर्म: सनातन:॥ ३८॥
अनुवाद
'इसलिए मैं उसी प्रकार आचरण करना चाहता हूँ जैसा मेरे पूज्य पिता, जो सत्य और धर्म के मार्ग पर दृढ़ हैं, मुझे उपदेश दे रहे हैं; क्योंकि यही सनातन धर्म है।
‘That is why I want to act in the same way as my respected father, who is steadfast on the path of truth and righteousness, is instructing me; because that is the eternal Dharma.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥