Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.3.46-47h: ‘इसलिए बेटा! तुम अपने मन को वश में रखो और ऐसे ही उत्तम आचरण का पालन करो।’ राजा के ये वचन सुनकर श्री रामचन्द्रजी के प्रेमी मित्र तुरंत माता कौसल्या के पास गए और उनसे यह शुभ समाचार कहा। 46 1/2॥ | ramayan सर्ग 2.3: राज्याभिषेक की तैयारी , राजा दशरथ का श्रीराम को राजनीति की बातें बताना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘इसलिए बेटा! तुम अपने मन को वश में रखो और ऐसे ही उत्तम आचरण का पालन करो।’ राजा के ये वचन सुनकर श्री रामचन्द्रजी के प्रेमी मित्र तुरंत माता कौसल्या के पास गए और उनसे यह शुभ समाचार कहा। 46 1/2॥
'That's why son! You keep your mind under control and follow such good conduct.' Hearing these words of the king, the friends who loved Shri Ramchandraji immediately went to Mata Kausalya and told her this good news. 46 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥