Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.26.9: 'रघुनंदन! आज बृहस्पति का देवताओं से संबंधित शुभ पुष्यन नक्षत्र है, जो अभिषेक के योग्य है। विद्वान ब्राह्मणों ने उस पुष्यनक्षत्र के संयोग में आपके अभिषेक के विषय में बताया है। जिस समय आपको प्रसन्न होना चाहिए था, उस समय आपका मन इतना उदास क्यों है? 9॥   |   ramayan सर्ग 2.26: श्रीराम को उदास देखकर सीता का उनसे इसका कारण पूछना और श्रीराम का वन में जाने का निश्चय बताते हुए सीता को घर में रहने के लिये समझाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 26: श्रीराम को उदास देखकर सीता का उनसे इसका कारण पूछना और श्रीराम का वन में जाने का निश्चय बताते हुए सीता को घर में रहने के लिये समझाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.26.9 
अद्य बार्हस्पत: श्रीमान् युक्त: पुष्येण राघव।
प्रोच्यते ब्राह्मणै: प्राज्ञै: केन त्वमसि दुर्मना:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'रघुनंदन! आज बृहस्पति का देवताओं से संबंधित शुभ पुष्यन नक्षत्र है, जो अभिषेक के योग्य है। विद्वान ब्राह्मणों ने उस पुष्यनक्षत्र के संयोग में आपके अभिषेक के विषय में बताया है। जिस समय आपको प्रसन्न होना चाहिए था, उस समय आपका मन इतना उदास क्यों है? 9॥
 
'Ragunandan! Today, Jupiter is an auspicious Pushyan Nakshatra related to Gods, which is worthy of consecration. The learned Brahmins have told about your consecration in the combination of that Pushyanakshatra. At a time when you should have been happy, why is your mind so sad? 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)