Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.26.5: इतने में ही श्रीराम ने अपने सुसज्जित अन्तःकक्ष में प्रवेश किया, जो प्रसन्नचित्त लोगों से भरा हुआ था। उस समय लज्जा के कारण उनका मुख कुछ उतरा हुआ था। | ramayan सर्ग 2.26: श्रीराम को उदास देखकर सीता का उनसे इसका कारण पूछना और श्रीराम का वन में जाने का निश्चय बताते हुए सीता को घर में रहने के लिये समझाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इतने में ही श्रीराम ने अपने सुसज्जित अन्तःकक्ष में प्रवेश किया, जो प्रसन्नचित्त लोगों से भरा हुआ था। उस समय लज्जा के कारण उनका मुख कुछ उतरा हुआ था।
Meanwhile, Shri Ram entered his well-decorated inner chamber, which was full of happy people. At that time, his face was lowering a little due to shame.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥