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श्लोक  2.26.4 
देवकार्यं स्म सा कृत्वा कृतज्ञा हृष्टचेतना।
अभिज्ञा राजधर्माणां राजपुत्री प्रतीक्षति॥ ४॥
 
 
अनुवाद
विदेह राजकुमारी सीता तत्कालीन और राजसी कर्तव्यों से परिचित थीं। इसलिए देवताओं की पूजा करने के बाद, वे प्रसन्नतापूर्वक श्रीराम के आगमन की प्रतीक्षा कर रही थीं।
 
Videha princess Sita knew the contemporary duties and the royal duties. So, after worshipping the gods, she was happily waiting for the arrival of Shri Ram.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)