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विदेहनंदिनी सीता, तपस्विनी, ने अभी तक पूरी कथा नहीं सुनी थी। उनका हृदय इस विचार से भरा हुआ था कि उनके पति का युवराज पद पर अभिषेक होगा।
Videhanandini Sita, the ascetic, had not yet heard the whole story. Her heart was filled with the thought that her husband would be being anointed as the crown prince.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥