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ramayan 2.26.19: जब सीता इस प्रकार विलाप कर रही थीं, तब रघुनन्दन श्री राम ने उनसे कहा - 'सीते! आज मेरे पूज्य पिता मुझे वन में भेज रहे हैं॥19॥   |   ramayan सर्ग 2.26: श्रीराम को उदास देखकर सीता का उनसे इसका कारण पूछना और श्रीराम का वन में जाने का निश्चय बताते हुए सीता को घर में रहने के लिये समझाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.26.19 
इतीव विलपन्तीं तां प्रोवाच रघुनन्दन:।
सीते तत्रभवांस्तात: प्रव्राजयति मां वनम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
जब सीता इस प्रकार विलाप कर रही थीं, तब रघुनन्दन श्री राम ने उनसे कहा - 'सीते! आज मेरे पूज्य पिता मुझे वन में भेज रहे हैं॥19॥
 
While Sita was lamenting in this manner, Shri Ram, the son of Raghunandan, said to her - 'Sita! Today my revered father is sending me to the forest.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)