Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.26.18: अभिषेक की सारी तैयारियाँ हो जाने पर भी आपकी यह दशा क्या है? आपके मुख की कान्ति लुप्त हो गई है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। आपके मुख पर प्रसन्नता का कोई चिह्न नहीं है। इसका क्या कारण है?॥18॥ | ramayan सर्ग 2.26: श्रीराम को उदास देखकर सीता का उनसे इसका कारण पूछना और श्रीराम का वन में जाने का निश्चय बताते हुए सीता को घर में रहने के लिये समझाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अभिषेक की सारी तैयारियाँ हो जाने पर भी आपकी यह दशा क्या है? आपके मुख की कान्ति लुप्त हो गई है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। आपके मुख पर प्रसन्नता का कोई चिह्न नहीं है। इसका क्या कारण है?॥18॥
‘When all the preparations for the Abhishekam have been completed, what is this state of yours? The glow of your face has vanished. This had never happened before. There is no sign of happiness on your face. What is the reason for this?’॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥