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ramayan 2.26.14: वस्त्राभूषणों से सुसज्जित, मन्त्रीगण, सेनापति, प्रमुख व्यापारीगण तथा नगर और जनपद के लोग आज आपके पीछे आने को इच्छुक नहीं हैं! (इसका क्या कारण है?)॥14॥   |   ramayan सर्ग 2.26: श्रीराम को उदास देखकर सीता का उनसे इसका कारण पूछना और श्रीराम का वन में जाने का निश्चय बताते हुए सीता को घर में रहने के लिये समझाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 26: श्रीराम को उदास देखकर सीता का उनसे इसका कारण पूछना और श्रीराम का वन में जाने का निश्चय बताते हुए सीता को घर में रहने के लिये समझाना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  2.26.14 
न त्वां प्रकृतय: सर्वा: श्रेणीमुख्याश्च भूषिता:।
अनुव्रजितुमिच्छन्ति पौरजानपदास्तथा॥ १४॥
 
 
अनुवाद
वस्त्राभूषणों से सुसज्जित, मन्त्रीगण, सेनापति, प्रमुख व्यापारीगण तथा नगर और जनपद के लोग आज आपके पीछे आने को इच्छुक नहीं हैं! (इसका क्या कारण है?)॥14॥
 
‘All the ministers, generals, the leading businessmen, adorned with clothes and ornaments, and the people of the city and the district are not today desirous of following you! (What is the reason for this?)॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)