Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.25.27: भगवान राम की भलाई की कामना करते हुए, उन्होंने अग्नि मंगवाई और एक महान ब्राह्मण से निर्धारित अनुष्ठानों के अनुसार उसमें आहुति डालने को कहा।   |   ramayan सर्ग 2.25: कौसल्या का श्रीराम की वनयात्रा के लिये मङ्गल कामना पूर्वक स्वस्तिवाचन करना और श्रीराम का उन्हें प्रणाम करके सीता के भवन की ओर जाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 25: कौसल्या का श्रीराम की वनयात्रा के लिये मङ्गल कामना पूर्वक स्वस्तिवाचन करना और श्रीराम का उन्हें प्रणाम करके सीता के भवन की ओर जाना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  2.25.27 
ज्वलनं समुपादाय ब्राह्मणेन महात्मना।
हावयामास विधिना राममङ्गलकारणात्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
भगवान राम की भलाई की कामना करते हुए, उन्होंने अग्नि मंगवाई और एक महान ब्राह्मण से निर्धारित अनुष्ठानों के अनुसार उसमें आहुति डालने को कहा।
 
Desiring well for Lord Rama, he brought the fire and had a great Brahmin perform the oblations in it as per the prescribed rituals.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)