Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.24.34: 'पुत्र! जब तुम वनवास का महान व्रत पूरा करके सकुशल और सौभाग्यशाली होकर लौटोगे तथा ऐसा करके अपने पिता का ऋण चुका दोगे, तभी मैं पूर्ण शांति से सो सकूँगा। | ramayan सर्ग 2.24: कौसल्या का श्रीराम से अपने को भी साथ ले चलने के लिये आग्रह करना , श्रीराम का उन्हें रोकना और वन जाने के लिये उनकी अनुमति प्राप्त करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'पुत्र! जब तुम वनवास का महान व्रत पूरा करके सकुशल और सौभाग्यशाली होकर लौटोगे तथा ऐसा करके अपने पिता का ऋण चुका दोगे, तभी मैं पूर्ण शांति से सो सकूँगा।
'Son! When you complete the great vow of exile and return fulfilled and fortunate and in doing so repay the debt of your father, only then will I be able to sleep in perfect peace.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥