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अग्निकार्येषु च सदा सुमनोभिश्च देवता:॥ २८॥
पूज्यास्ते मत्कृते देवि ब्राह्मणाश्चैव सत्कृता:।
अनुवाद
'देवी! मेरी शुभ कामना से आप सदैव देवताओं का पुष्पों से तथा अग्निहोत्र के अवसरों पर ब्राह्मणों का भी आदरपूर्वक पूजन करती रहें।' 28 1/2॥
'Goddess! With my good wishes, you should always keep worshiping the gods with flowers and also the Brahmins with respect on the occasions of Agnihotra. 28 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥