Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.24.1: जब कौशल्या ने देखा कि श्री राम ने पिता की आज्ञा का पालन करने का निश्चय कर लिया है, तब वह आँसुओं से रुँधे हुए स्वर में धर्मात्मा श्री राम से बोलीं-॥1॥ | ramayan सर्ग 2.24: कौसल्या का श्रीराम से अपने को भी साथ ले चलने के लिये आग्रह करना , श्रीराम का उन्हें रोकना और वन जाने के लिये उनकी अनुमति प्राप्त करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब कौशल्या ने देखा कि श्री राम ने पिता की आज्ञा का पालन करने का निश्चय कर लिया है, तब वह आँसुओं से रुँधे हुए स्वर में धर्मात्मा श्री राम से बोलीं-॥1॥
When Kausalya saw that Sri Rama had made up his mind to obey his father's command, she spoke to the virtuous Sri Rama in a choked voice choked with tears -॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥