श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 23: लक्ष्मण की ओज भरी बातें, उनके द्वारा दैव का खण्डन और पुरुषार्थ का प्रतिपादन  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  2.23.37 
अद्य मेऽस्त्रप्रभावस्य प्रभाव: प्रभविष्यति।
राज्ञश्चाप्रभुतां कर्तुं प्रभुत्वं च तव प्रभो॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
'प्रभो! आज राजा दशरथ की शक्ति का नाश करके आपका प्रभुत्व स्थापित करने के लिए मुझ लक्ष्मण की शक्ति अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर प्रकट होगी।॥37॥
 
'Lord! Today, to destroy the power of King Dasharath and establish your supremacy, the power of me, Lakshmana, equipped with weapons, will be revealed. ॥ 37॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas