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स षट् चाष्टौ च वर्षाणि वत्स्यामि विजने वने।
आसेवमानो वन्यानि फलमूलैश्च वर्तयन्॥ ३१॥
अनुवाद
'अतः मैं चौदह वर्ष तक निर्जन वन में रहूँगा और वन में उपलब्ध छाल आदि खाकर केवल कंद-मूल और फल खाकर निर्वाह करूँगा।'
'Therefore I shall stay in the deserted forest for fourteen years and shall live on bark etc., which are available in the forest, and shall subsist only on roots and fruits.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥