श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 19: श्रीराम का वन में जाना स्वीकार करके उनका माता कौसल्या के पास आज्ञा लेने के लिये जाना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  2.19.38 
वाचा मधुरया राम: सर्वं सम्मानयञ्जनम्।
मातु: समीपं धर्मात्मा प्रविवेश महायशा:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
महान धर्मात्मा श्री राम अपनी मधुर वाणी से सबका आदर करते हुए अपनी माता के समीप गए॥38॥
 
Shri Ram, the great religious person, respected everyone with his sweet voice and went near his mother. 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)