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ramayan 2.19.28: तत्पश्चात् पराक्रमी श्री राम अपने अचेत पिता महाराज दशरथ और अनार्य कैकेयी को प्रणाम करके घर से बाहर आये।   |   ramayan सर्ग 2.19: श्रीराम का वन में जाना स्वीकार करके उनका माता कौसल्या के पास आज्ञा लेने के लिये जाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.19.28 
वन्दित्वा चरणौ राज्ञो विसंज्ञस्य पितुस्तदा।
कैकेय्याश्चाप्यनार्याया निष्पपात महाद्युति:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् पराक्रमी श्री राम अपने अचेत पिता महाराज दशरथ और अनार्य कैकेयी को प्रणाम करके घर से बाहर आये।
 
The mighty Sri Rama then came out of the house after paying his respects to his unconscious father Maharaja Dasharatha and the non-Aryan Kaikeyi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)