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ramayan 2.19.26: तुम्हें ऐसा प्रयत्न करना चाहिए कि भरत इस राज्य का पालन करते रहें और अपने पिता की सेवा करते रहें; क्योंकि यही सनातन धर्म है॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 2.19: श्रीराम का वन में जाना स्वीकार करके उनका माता कौसल्या के पास आज्ञा लेने के लिये जाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.19.26 
भरत: पालयेद् राज्यं शुश्रूषेच्च पितुर्यथा।
तथा भवत्या कर्तव्यं स हि धर्म: सनातन:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
तुम्हें ऐसा प्रयत्न करना चाहिए कि भरत इस राज्य का पालन करते रहें और अपने पिता की सेवा करते रहें; क्योंकि यही सनातन धर्म है॥ 26॥
 
‘You should make such efforts that Bharata continues to look after this kingdom and serve his father; because this is the eternal Dharma.’॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)