श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 19: श्रीराम का वन में जाना स्वीकार करके उनका माता कौसल्या के पास आज्ञा लेने के लिये जाना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  2.19.24 
न नूनं मयि कैकेयि किंचिदाशंससे गुणान्।
यद् राजानमवोचस्त्वं ममेश्वरतरा सती॥ २४॥
 
 
अनुवाद
कैकेयी! मुझ पर आपका पूर्ण अधिकार है। मैं आपकी हर आज्ञा का पालन कर सकती हूँ; फिर भी आपने स्वयं मुझे न बताकर महाराज से यह कार्य करवाया और उन्हें कष्ट दिया। इससे यह प्रकट होता है कि आप मुझमें कोई अच्छाई नहीं देखतीं॥ 24॥
 
‘Kaikeyi! You have full authority over me. I can obey your every command; yet instead of telling me yourself, you asked Maharaja for this task and troubled him. This shows that you do not see any good in me.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)