Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.19.21: 'पूज्य पिता जी की प्रिय वस्तु के लिए मैं जो कुछ भी कर सकूँगा, वह अपने प्राणों की बाजी लगाकर भी करूँगा। आप उसे मेरे द्वारा किया हुआ ही समझें॥ 21॥ | ramayan सर्ग 2.19: श्रीराम का वन में जाना स्वीकार करके उनका माता कौसल्या के पास आज्ञा लेने के लिये जाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'पूज्य पिता जी की प्रिय वस्तु के लिए मैं जो कुछ भी कर सकूँगा, वह अपने प्राणों की बाजी लगाकर भी करूँगा। आप उसे मेरे द्वारा किया हुआ ही समझें॥ 21॥
'Whatever work I can do for my revered father's favourite thing, I will do it even at the cost of my life. You should consider it to have been done by me.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥