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ramayan 2.18.35: 'तुम्हें अपने पिता की आज्ञा का पालन करना होगा और उनके वचन के अनुसार चौदह वर्ष के लिए वन में प्रवेश करना होगा।' 35   |   ramayan सर्ग 2.18: श्रीराम का कैकेयी से पिता के चिन्तित होने का कारण पूछना,कैकेयी का कठोरतापूर्वक अपने माँगे हुए वरों का वृत्तान्त बताना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 18: श्रीराम का कैकेयी से पिता के चिन्तित होने का कारण पूछना,कैकेयी का कठोरतापूर्वक अपने माँगे हुए वरों का वृत्तान्त बताना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  2.18.35 
संनिदेशे पितुस्तिष्ठ यथानेन प्रतिश्रुतम्।
त्वयारण्यं प्रवेष्टव्यं नव वर्षाणि पञ्च च॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
'तुम्हें अपने पिता की आज्ञा का पालन करना होगा और उनके वचन के अनुसार चौदह वर्ष के लिए वन में प्रवेश करना होगा।' 35
 
'You must obey your father's orders and enter the forest for fourteen years as he has promised.' 35
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)