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ramayan 2.18.11: ‘माँ! मुझसे अनजाने में कोई अपराध हो गया है, जिसके कारण पिताजी मुझ पर क्रोधित हैं। तुम मुझे यह बताकर उन्हें समझाओ॥ 11॥   |   ramayan सर्ग 2.18: श्रीराम का कैकेयी से पिता के चिन्तित होने का कारण पूछना,कैकेयी का कठोरतापूर्वक अपने माँगे हुए वरों का वृत्तान्त बताना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 18: श्रीराम का कैकेयी से पिता के चिन्तित होने का कारण पूछना,कैकेयी का कठोरतापूर्वक अपने माँगे हुए वरों का वृत्तान्त बताना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.18.11 
कच्चिन्मया नापराद्धमज्ञानाद् येन मे पिता।
कुपितस्तन्ममाचक्ष्व त्वमेवैनं प्रसादय॥ ११॥
 
 
अनुवाद
‘माँ! मुझसे अनजाने में कोई अपराध हो गया है, जिसके कारण पिताजी मुझ पर क्रोधित हैं। तुम मुझे यह बताकर उन्हें समझाओ॥ 11॥
 
‘Ma! I have committed some crime unknowingly, due to which father is angry with me. You tell me this and you convince him.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)