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ramayan 2.15.38: उस समय जिले भर से लोग तरह-तरह के उपहार लेकर वहाँ पहुँचे थे। श्री राम के राज्याभिषेक का समाचार सुनकर उनके चेहरे खुशी से खिल उठे थे। वे उत्सव देखने के लिए उत्सुक थे। उनकी उपस्थिति से भवन अत्यंत शोभायमान हो रहा था।   |   ramayan सर्ग 2.15: सुमन्त्र का राजा की आज्ञा से श्रीराम को बुलाने के लिये उनके महल में जाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 15: सुमन्त्र का राजा की आज्ञा से श्रीराम को बुलाने के लिये उनके महल में जाना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  2.15.38 
उपादाय समाक्रान्तैस्तदा जानपदैर्जनै:।
रामाभिषेकसुमुखैरुन्मुखै: समलंकृतम्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
उस समय जिले भर से लोग तरह-तरह के उपहार लेकर वहाँ पहुँचे थे। श्री राम के राज्याभिषेक का समाचार सुनकर उनके चेहरे खुशी से खिल उठे थे। वे उत्सव देखने के लिए उत्सुक थे। उनकी उपस्थिति से भवन अत्यंत शोभायमान हो रहा था।
 
People from the district had reached there at that time with various gifts. Their faces lit up with joy on hearing the news of Shri Ram's coronation. They were eager to see the celebration. The building was becoming very beautiful with their presence.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)