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ramayan 2.15.29-30h: वे हर्ष और प्रसन्नता से भरकर सब ओर देखते हुए शीघ्रता से आगे बढ़ने लगे। मार्ग में सूत सुमन्त्र सबके मुख से श्री राम के राज्याभिषेक के विषय में आनन्दपूर्ण बातें सुन रहे थे। 29 1/2॥   |   ramayan सर्ग 2.15: सुमन्त्र का राजा की आज्ञा से श्रीराम को बुलाने के लिये उनके महल में जाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 15: सुमन्त्र का राजा की आज्ञा से श्रीराम को बुलाने के लिये उनके महल में जाना  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  2.15.29-30h 
हृष्ट: प्रमुदित: सूतो जगामाशु विलोकयन्।
स सूतस्तत्र शुश्राव रामाधिकरणा: कथा:॥ २९॥
अभिषेचनसंयुक्ता: सर्वलोकस्य हृष्टवत्।
 
 
अनुवाद
वे हर्ष और प्रसन्नता से भरकर सब ओर देखते हुए शीघ्रता से आगे बढ़ने लगे। मार्ग में सूत सुमन्त्र सबके मुख से श्री राम के राज्याभिषेक के विषय में आनन्दपूर्ण बातें सुन रहे थे। 29 1/2॥
 
Filled with joy and happiness, they started moving forward quickly, looking everywhere. On the way, Suta Sumantra was hearing from everyone the joyful things about the coronation of Shri Ram. 29 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)