Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.15.14-15h: राजा को द्वार पर न देखकर वे बोले, "कौन राजा के पास जाकर उन्हें हमारे आगमन की सूचना देगा? हम तो यहाँ राजा को नहीं देख रहे हैं। सूर्योदय हो चुका है और बुद्धिमान श्री राम के युवा राजा के रूप में राज्याभिषेक की सारी सामग्री एकत्रित हो चुकी है।" ॥14 1/2॥ | ramayan सर्ग 2.15: सुमन्त्र का राजा की आज्ञा से श्रीराम को बुलाने के लिये उनके महल में जाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपश्यन्तोऽब्रुवन् को नु राज्ञो न: प्रतिवेदयेत्।
न पश्यामश्च राजानमुदितश्च दिवाकर:॥ १४॥
यौवराज्याभिषेकश्च सज्जो रामस्य धीमत:।
अनुवाद
राजा को द्वार पर न देखकर वे बोले, "कौन राजा के पास जाकर उन्हें हमारे आगमन की सूचना देगा? हम तो यहाँ राजा को नहीं देख रहे हैं। सूर्योदय हो चुका है और बुद्धिमान श्री राम के युवा राजा के रूप में राज्याभिषेक की सारी सामग्री एकत्रित हो चुकी है।" ॥14 1/2॥
Not seeing the king at the door, they said, "Who will go to the king and inform him about our arrival? We do not see the king here. The sun has risen and all the material for the coronation of the wise Shri Ram as a young king has been gathered." ॥14 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥