Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.14.5: 'इसी प्रकार, महाप्रतापी राजा अलर्क ने भी, बिना किसी पश्चाताप के, अपनी दोनों आंखें निकालकर, वेदों में पारंगत एक विद्वान ब्राह्मण के मांगने पर उसे दे दी थीं। | ramayan सर्ग 2.14: कैकेयी का राजा को अपने वरों की पूर्ति के लिये दुराग्रह दिखाना, राजा की आज्ञा से सुमन्त्र का श्रीराम को बुलाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथा ह्यलर्कस्तेजस्वी ब्राह्मणे वेदपारगे।
याचमाने स्वके नेत्रे उद्धृत्याविमना ददौ॥ ५॥
अनुवाद
'इसी प्रकार, महाप्रतापी राजा अलर्क ने भी, बिना किसी पश्चाताप के, अपनी दोनों आंखें निकालकर, वेदों में पारंगत एक विद्वान ब्राह्मण के मांगने पर उसे दे दी थीं।
'Similarly, the illustrious King Alarka had, without any remorse, taken out his two eyes and given them to a learned Brahmin well versed in the Vedas when he requested for them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥