Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.14.44: द्वारपाल, जो राजा को प्रसन्न करना चाहते थे और राजा के आदरणीय थे, उस वृद्ध सचिव को प्रवेश करने से न रोक सके; क्योंकि राजा ने पहले ही उसे आदेश दे रखा था कि उसे किसी भी समय प्रवेश करने से न रोका जाए ॥44॥ | ramayan सर्ग 2.14: कैकेयी का राजा को अपने वरों की पूर्ति के लिये दुराग्रह दिखाना, राजा की आज्ञा से सुमन्त्र का श्रीराम को बुलाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्वारपाल, जो राजा को प्रसन्न करना चाहते थे और राजा के आदरणीय थे, उस वृद्ध सचिव को प्रवेश करने से न रोक सके; क्योंकि राजा ने पहले ही उसे आदेश दे रखा था कि उसे किसी भी समय प्रवेश करने से न रोका जाए ॥44॥
The gatekeepers, who wanted to please the king and were respected by him, could not stop the old secretary from entering; because the king had already ordered him not to be stopped from entering at any time. ॥ 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥