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ramayan 2.119.15: भगवान् श्री राम और महारथी लक्ष्मण सीता का आतिथ्य देखकर बहुत प्रसन्न हुए, जो मनुष्यों के लिए अत्यंत दुर्लभ है। 15॥   |   ramayan सर्ग 2.119: अनसूया की आज्ञा से सीता का उनके दिये हुए वस्त्राभूषणों को धारण करके श्रीरामजी के पास आना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 119: अनसूया की आज्ञा से सीता का उनके दिये हुए वस्त्राभूषणों को धारण करके श्रीरामजी के पास आना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  2.119.15 
प्रहृष्टस्त्वभवद् रामो लक्ष्मणश्च महारथ:।
मैथिल्या: सत्क्रियां दृष्ट्वा मानुषेषु सुदुर्लभाम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
भगवान् श्री राम और महारथी लक्ष्मण सीता का आतिथ्य देखकर बहुत प्रसन्न हुए, जो मनुष्यों के लिए अत्यंत दुर्लभ है। 15॥
 
Lord Shri Ram and Maharathi Lakshman were very happy to see Sita's hospitality, which is very rare for humans. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)