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उस लम्बी कथा को सुनकर धर्म की ज्ञाता अनसूया ने मिथिला पुत्री सीता को दोनों भुजाओं से गले लगाया और उनका माथा सूंघकर कहा -
After listening to that long tale, Anasuya, the knower of Dharma, embraced the daughter of Mithila, Sita, with both her arms and smelling her forehead said -
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥