Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.118.43: 'भारी होने के कारण पर्वत के समान प्रतीत होने वाले उस महान धनुष को देखकर वहाँ आये हुए राजा उसे उठाने में असमर्थ हो गये, अतएव उन्होंने उसे प्रणाम किया और चले गये। | ramayan सर्ग 2.118: सीता-अनसूया-संवाद, अनसूया का सीता को प्रेमोपहार देना तथा अनसूया के पूछने पर सीता का उन्हें अपने स्वयंवर की कथा सुनाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'भारी होने के कारण पर्वत के समान प्रतीत होने वाले उस महान धनुष को देखकर वहाँ आये हुए राजा उसे उठाने में असमर्थ हो गये, अतएव उन्होंने उसे प्रणाम किया और चले गये।
'Seeing that great bow which appeared like a mountain due to its heaviness, the kings who had come there were unable to lift it, so they bowed to it and went away.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥