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उपपन्नं च युक्तं च वचनं तव मैथिलि।
प्रीता चास्म्युचितां सीते करवाणि प्रियं च किम्॥ १५॥
अनुवाद
मिथिलेशाकुमारी सीता! आपने बहुत ही उचित और उत्तम वचन कहे हैं। इन्हें सुनकर मैं बहुत संतुष्ट हूँ, अतः बताइए कि मुझे आपका कौन-सा प्रिय कार्य करना चाहिए?
‘Mithileshakumari Sita! You have said very reasonable and good words. I am very satisfied after hearing them, so tell me which of your favourite tasks should I do?’
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥