Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.118.13: तत्पश्चात् सीता के वचन सुनकर अनसूया अत्यन्त प्रसन्न हुईं और उन्होंने उनका सिर सूँघा और फिर मिथिलापुत्री की प्रसन्नता बढ़ाने के लिए यह कहा- | ramayan सर्ग 2.118: सीता-अनसूया-संवाद, अनसूया का सीता को प्रेमोपहार देना तथा अनसूया के पूछने पर सीता का उन्हें अपने स्वयंवर की कथा सुनाना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् सीता के वचन सुनकर अनसूया अत्यन्त प्रसन्न हुईं और उन्होंने उनका सिर सूँघा और फिर मिथिलापुत्री की प्रसन्नता बढ़ाने के लिए यह कहा-
Thereafter, Anasuya was very happy to hear the words spoken by Sita. She smelled her head and then said this to increase the happiness of the daughter of Mithila-
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥