Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.117.6: श्री रामजी का पूर्ण आतिथ्य करके उन्होंने स्वयं भी भाग्यशाली लक्ष्मण और सीताजी को सम्मानित और संतुष्ट किया ॥6॥   |   ramayan सर्ग 2.117: श्रीराम आदि का अत्रिमुनि के आश्रम पर जाकर उनके द्वारा सत्कृत होना तथा अनसूया द्वारा सीता का सत्कार   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 117: श्रीराम आदि का अत्रिमुनि के आश्रम पर जाकर उनके द्वारा सत्कृत होना तथा अनसूया द्वारा सीता का सत्कार  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  2.117.6 
स्वयमातिथ्यमादिश्य सर्वमस्य सुसत्कृतम्।
सौमित्रिं च महाभागं सीतां च समसान्त्वयत्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
श्री रामजी का पूर्ण आतिथ्य करके उन्होंने स्वयं भी भाग्यशाली लक्ष्मण और सीताजी को सम्मानित और संतुष्ट किया ॥6॥
 
By extending full hospitality to Sri Rama, He Himself also honoured and satisfied the fortunate Lakshmana and Sita. ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)