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ramayan 2.117.1: जब भगवान राम ने उन सब ऋषियों के चले जाने पर विचार किया, तब उन्हें अनेक कारण ज्ञात हुए, जिनके कारण उन्होंने भी वहाँ ठहरना उचित नहीं समझा॥1॥   |   ramayan सर्ग 2.117: श्रीराम आदि का अत्रिमुनि के आश्रम पर जाकर उनके द्वारा सत्कृत होना तथा अनसूया द्वारा सीता का सत्कार   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.117.1 
राघवस्त्वपयातेषु सर्वेष्वनुविचिन्तयन्।
न तत्रारोचयद् वासं कारणैर्बहुभिस्तदा॥ १॥
 
 
अनुवाद
जब भगवान राम ने उन सब ऋषियों के चले जाने पर विचार किया, तब उन्हें अनेक कारण ज्ञात हुए, जिनके कारण उन्होंने भी वहाँ ठहरना उचित नहीं समझा॥1॥
 
When Lord Rama thought over the departure of all those sages, he realised many reasons due to which he too did not consider it appropriate to stay there.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)