Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.116.1: भरत के लौट आने पर जब श्री राम वन में रहने लगे, तब उन्होंने देखा कि वहाँ के तपस्वी व्याकुल हैं और अन्यत्र जाने के लिए आतुर हैं॥1॥   |   ramayan सर्ग 2.116: वृद्ध कुलपति सहित बहुत-से ऋषियों का चित्रकूट छोड़कर दूसरे आश्रम में जाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 116: वृद्ध कुलपति सहित बहुत-से ऋषियों का चित्रकूट छोड़कर दूसरे आश्रम में जाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.116.1 
प्रतियाते तु भरते वसन् रामस्तदा वने।
लक्षयामास सोद्वेगमथौत्सुक्यं तपस्विनाम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
भरत के लौट आने पर जब श्री राम वन में रहने लगे, तब उन्होंने देखा कि वहाँ के तपस्वी व्याकुल हैं और अन्यत्र जाने के लिए आतुर हैं॥1॥
 
When Sri Rama started living in the forest after Bharat's return, he saw that the ascetics there were agitated and were eager to go elsewhere. ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)