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श्लोक  2.110.31 
शङ्खणस्य तु पुत्रोऽभूच्छूर: श्रीमान् सुदर्शन:।
सुदर्शनस्याग्निवर्ण अग्निवर्णस्य शीघ्रग:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
'शंखण के वीर पुत्र श्री सुदर्शन हुए। सुदर्शन के पुत्र अग्निवर्ण और अग्निवर्ण के पुत्र श्रद्धाग थे।
 
'Shankhan's brave son became Mr. Sudarshan. Sudarshan's sons were Agnivarna and Agnivarna's sons were Shraddhaga.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)