Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.110.29: रघु के कल्माषपाद नामक एक तेजस्वी पुत्र हुआ, जो बड़ा होकर शापवश कुछ वर्षों तक नरभक्षी राक्षस बना रहा। वह इस पृथ्वी पर सौदास नाम से प्रसिद्ध हुआ। | ramayan सर्ग 2.110: वसिष्ठजी का ज्येष्ठ के ही राज्याभिषेक का औचित्य सिद्ध करना और श्रीराम से राज्य ग्रहण करने के लिये कहना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रघु के कल्माषपाद नामक एक तेजस्वी पुत्र हुआ, जो बड़ा होकर शापवश कुछ वर्षों तक नरभक्षी राक्षस बना रहा। वह इस पृथ्वी पर सौदास नाम से प्रसिद्ध हुआ।
‘Raghu had a brilliant son named Kalmashapada, who after growing up, due to a curse, became a cannibalistic demon for some years. He was famous on this earth by the name Saudas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥