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अवलिप्ते न जानासि त्वत्त: प्रियतरो मम।
मनुजो मनुजव्याघ्राद् रामादन्यो न विद्यते॥५॥
अनुवाद
हे सौभाग्य पर गर्व करने वाली कैकेयी! क्या तुम नहीं जानती कि पुरुषोत्तम श्री राम के अतिरिक्त मुझे तुमसे अधिक प्रिय कोई दूसरा नहीं है?
'O Kaikeyi, who is proud of her good fortune! Don't you know that apart from the greatest of men, Shri Ram, there is no other person who is dearer to me than you?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥